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बिहार के इस गांव के लोग क्यों नहीं खाते लहसुन और प्याज, वजह जानकर उड़ जाएंगे आपके होश

हमारा देश दुनिया का सबसे महान देश है क्योंकि हमारे देश में कई तरह का अनेकता है फिर भी हम सब एक हैं. हमारे देश में हमने कई तरह के गांव देखे हैं, हमने आर्मी गांव के बारे में भी सुना है जहां का हर एक बच्चा आर्मी का जवान है तो वहीं हमने आईआईटीयंस वाले गांव के बारे में भी पढ़ा है जहां का लगभग हर एक बच्चा आईआईटी में पड़ता है.

लेकिन आज के इस लेख में हम आपको एक ऐसे विचित्र गांव के बारे में बताने वाले हैं जिसकी एक अजीब सी प्रथा है और इस प्रथा को सुनने के बाद से आप हैरान हो जाएंगे. दरअसल हम जिस गांव के बारे में बात कर रहे हैं वह गांव बिहार के जहानाबाद में स्थित है और इस गांव का नाम त्रिलोकी बिगहा है. इस गांव में एक अजीब सी प्रथा है दरअसल यहां के लोग लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करते हैं.

हमारे आस पास बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो तरह-तरह का खाना खाना पसंद करते हैं और कई ऐसे लोग भी होते हैं जो प्याज और लहसुन का सेवन नहीं करते हैं लेकिन क्या आपको पता है एक ऐसा गांव है जहां के सारे लोग ही लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करते हैं. त्रिलोकी बिगहा गांव के लोग सदियों से लहसुन और प्याज का सेवन नहीं कर रहे हैं. इस गांव के सारे लोग लहसुन और प्याज नहीं खाते हैं और यह परंपरा सालों से चली आ रही है. इतना ही नहीं इस गांव के लोग अगर बाहर भी जाते हैं तो लहसुन और प्याज से बनी सब्जी खाना पसंद नहीं करते हैं बल्कि लहसुन और बिना प्याज की बनी सब्जी ही खाते हैं.

दरअसल, इस गांव के सदस्य रामप्रवेश का कहना है कि यहां पर भगवान विष्णु का मंदिर है और यही कारण है कि यहां के लोग लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करते हैं. इतना ही नहीं रामप्रवेश ने आगे बताया कि यहां पर जब भी कोई लहसुन और प्याज का सेवन करता है तो उसके साथ कुछ अनहोनी हो जाती है यही कारण है कि भूलकर भी इस गांव का कोई सदस्य लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करता है.

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