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विदेश की नौकरी छोड़ने के बाद IPS बन कर भी खुश नहीं थी मध्यप्रदेश की यह बेटी, आखिरकार बन ही गई IAS

यूपीएससी भारत की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है और इस परीक्षा में सफलता मिलना काफी कठिन माना जाता है. यूपीएससी की तैयारी तो लाखों लोग करते हैं लेकिन सफलता बहुत कम लोगों को ही मिलती है. यूपीएससी के परीक्षा में सफलता उन्हीं लोगों को मिलती है जो अपने सपनों के लिए जी जान लगा देते हैं. ठीक कुछ ऐसी ही कहानी है मध्य प्रदेश के खरगोन की रहने वाली गरिमा अग्रवाल की, गरिमा अग्रवाल का जीवन काफी संघर्ष भरा रहा है. गरिमा अग्रवाल यूं तो पढ़ने में बचपन से ही काफी तेज किस्म की छात्रा रही है और इन्होंने दसवीं और बारहवीं के परीक्षा में भी काफी अच्छे अंक हासिल किए हैं.

इसके बाद गरिमा ने आईआईटी की तैयारी शुरू कर दी और आईआईटी में भी इनको सफलता मिल गया. गरिमा ने आईआईटी हैदराबाद से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद गरिमा जर्मनी में इंटर्नशिप के लिए चली गई. हालांकि, इनका मन जर्मनी में बिल्कुल भी नहीं लग रहा था जर्मनी में गरिमा अग्रवाल को काफी अच्छी सैलरी वाला नौकरी भी ऑफर किया गया था. हालांकि ,इनका मन वहां बिल्कुल भी नहीं लग रहा था गरिमा का मन था कि वह वापस अपने देश आकर लोगों की सेवा करना चाहती थी और यही कारण है कि गरिमा ने प्रशासनिक अधिकारी बनने का फैसला कर लिया.

गरिमा जब वापस भारत आई तो उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी और साल 2017 में गरिमा को सफलता भी हासिल हो गई. जी हां साल 2017 में गरिमा अग्रवाल एक आईपीएस अधिकारी बन गई लेकिन गरिमा अग्रवाल का सपना कुछ और ही था. जी हां गरिमा अग्रवाल एक आईएएस अधिकारी बनना चाहती थी. आईपीएस रहते हुए गरिमा अग्रवाल ने फिर से अपनी तैयारी शुरू कर दी और साल 2019 में आखिरकार उन्होंने अपने सपने को पूरा कर दिखाया. गरिमा ने साल 2018 में यूपीएससी की परीक्षा में 40 वी रैंक लाकर पूरे देश में अपने नाम का परचम लहरा दिया था.

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