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बचपन में छूटा मां का साया दूसरों के खेतों में करनी पड़ी मजदूरी, आज IAS अधिकारी बनकर कर रहे हैं देश की सेवा

कहते हैं लक्ष्य को पूरा करना आसान नहीं होता है लेकिन अगर आप ठान लेते हैं तो एक ना एक दिन आप अपने लक्ष्य को पूरा कर ही लेते हैं और ऐसा ही कुछ किया है एक साधारण से परिवार के बेटे माधव गिट्टे ने, दरअसल कभी खेतों में काम करने वाले माधव गिट्टे ने साल 2018 में आईएएस बनके पूरी दुनिया में अपने पिता तथा अपने नाम का परचम लहरा दिया था.

कहते हैं एक बच्चे के विकास में उसकी मां की भूमिका बहुत ज्यादा होती है और मां के बिना पूरी दुनिया अधूरी लगती है लेकिन माधव गिट्टे की मां बचपन में ही इनको छोड़कर चली गई थी. दरअसल, जब यह दसवीं की पढ़ाई कर रहे थे तो इस दौरान इनकी मां एक लंबी बीमारी के वजह से इस दुनिया से अलविदा कह गई थी. असल मे इनकी मां को कैंसर हो गया था और कैंसर के वजह से इनकी मां की मृत्यु हो गई थी.

माधव गिट्टे एक साधारण से परिवार में जन्मे थे और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी. ऐसे में माधव गिट्टे को बचपन में ही अपने खेतों के साथ-साथ दूसरे के खेतों में मजदूरी करने का काम करना पड़ता था और यह दूसरों के खेतों में मजदूरी का काम करके अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी किए थे. इसके बाद इन्होंने आईआईटी की तैयारी की. हालांकि, आईआईटी में यह सफल नहीं हुए जिसके बाद वह एक फैक्ट्री में काम करने लगे और यहीं से डिप्लोमा का एग्जाम दिया और इसमें इन्हें सफलता मिली.

डिप्लोमा करने के बाद इन्हें नौकरी मिल गई. 3 सालों तक नौकरी करने के बाद से माधव गिट्टे ने UPSC का एग्जाम देने का फैसला किया इसके बाद साल 2018 में माधव गिट्टे ने यूपीएससी का एग्जाम दिया और पहले अटेंप्ट में इन्होंने 567वां रैंक हांसिल कर लिया. इतना ही नहीं इसके बाद इन्होंने अगले साल फिर से ही UPSC का एग्जाम दिया और दूसरे प्रयास में उन्होंने 201वां रैंक हांसिल कर लिया. कभी दूसरों के खेतों में मजदूरी करने वाले माधव गिट्टे आज एक आईएएस अधिकारी के तौर पर देश की सेवा कर रहे है.

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