InternationalIndia

कभी भारत की शानों-शौकत हुआ करते थे यह जेवर, लेकिन आज अंग्रेजों की बढ़ा रही है शोभा

हमारा देश कभी सोने की चिड़िया हुआ करता था और यही कारण है कि कई विदेशी ताकतों ने हमारे देश पर आक्रमण करके इसे लूटने का प्रयास किया. हालांकि, इसमें कई विदेशी ताकतें असफल हुई तो कई विदेशी ताकतें सफल भी हो गई और हमारे देश के खजाने को लूट ले गई. ऐसे में आज के इस लेख में हम आपको भारत के उन बेशकीमती जेवरों के बारे में बताने वाले हैं जो कभी भारत की शान बढ़ाती थी लेकीज आज यह विदेशियों के पास है.

The Patiala Necklaceद पटियाला नेकलेस को राजा भूपेंद्र सिंह ने बनवाया था. इस नेकलेस में दुनिया का सातवां सबसे बड़ा हीरा लगाया गया था. यह नेकलेस साल 1948 में राजकोष से अचानक गायब हो गया. हालांकि कुछ दिनों पहले ही यह नेकलेस फिर से चर्चा में आया था जब एक अमेरिका के यूट्यूबर ने रेड कॉर्पोरेट पर इस नेकलेस को पहना था.

कोहिनूर कोहिनूर के बारे में शायद ही कोई ऐसा भारतीय होगा जिसको नहीं पता होगा. कोहिनूर को मुस्लिम शासक नादिर शाह भारत से ईरान ले गया था. हालांकि, बाद में पंजाब के राजा रंजीत सिंह ने कोहिनूर को इससे वापस जीत लिया था. लेकिन बाद में राजा रंजीत सिंह के बेटे को मजबूरन इस कोहिनूर को अंग्रेजों को देना पड़ गया था.

The Rockefeller Sapphire हैदराबाद के निजाम दुनिया के सबसे अमीर आदमी माने जाते थे और उनके बेशकीमती जेवरों में से एक जेवर The Rockefeller Sapphire भी था. हालांकि, कहा जाता है कि उन्होंने इस जेवर को अंग्रेजों के हाथ बेच दिया था. लेकिन दुनिया का सबसे अमीर निजाम आखिर इस जेवर को क्यों बेचेगा ?

Patiala Ruby Chokerमहाराजा भूपेंद्र सिंह की कई रानियां थी और यह अपनी सारी रानियों से बहुत ज्यादा प्यार करते थे और उन्होंने अपनी एक रानी को Patiala Ruby Choker बेशकीमती हार गिफ्ट किया था. हालांकि, आज यह हार विदेशियों की शोभा बढ़ा रही है.

The Star of The South Diamond Necklace बड़ौदा के राजा ने अपनी रानी को The Star of The South Diamond Necklace बनवा कर दिया था. उस समय इस नेकलेस के कीमत करीब दो करोड़ रुपए थी. हालांकि, यह बेशकीमती नेकलेस आज विदेशियों की शोभा बढ़ा रही है.

Nawanagar Necklaceनवानगर के महाराजा रंजीत सिंह जडेजा ने Nawanagar Necklace हार को साल 1931 में बनवाया था. हालांकि, यह हार अभी कहां है इसके बारे में किसी को भी पता नहीं है. महाराजा रणजीत सिंह जडेजा के ऊपर ही रणजी ट्रॉफी का नाम रखा गया है.

Back to top button