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तीन बच्चों की मां ने हाई स्कूल में प्राप्त किए 93 फ़ीसदी अंक, दिखा दिया उम्र सिर्फ एक संख्या है

किसी ने बिल्कुल सच कहा है शिक्षा लेने की कोई उम्र नहीं होती. ज्ञान कहीं भी और किसी से भी लिया जा सकता है और इसके लिए उम्र के भी कोई पैमाने नहीं होते हैं. समय-समय पर ऐसे लोग होते हैं. जो साबित कर देते हैं कि उम्र सिर्फ एक संख्या होती है. अगर आपके अंदर जज्बा हो तो आप कुछ भी कर सकते हैं. हाल ही में तीन बच्चों की मां ने हाईस्कूल की परीक्षा में 93 फ़ीसदी अंक हासिल किए हैं और दिखा दिया है कि अगर आप कुछ बड़ा करने की चाहत रखते हैं तो कामयाबी आपके कदम चूमती है. यह कारनामा कश्मीर की एक महिला ने कर दिखाया है. जिसने शादी के 10 साल बाद अपनी पढ़ाई फिर से शुरू की थी और अब दसवीं में 93 फ़ीसदी अंक हासिल कर कर मिसाल बन गई हैं.

जिस महिला के बारे में हम आपसे बात कर रहे हैं. उनका नाम सबरीना खालिक है और वह कश्मीर के कुपवाड़ा से ताल्लुक रखती हैं. उनकी शादी 10 साल पहले कर दी गई थी. इन्होंने शादी के 10 साल बाद पढ़ाई लिखाई फिर से शुरू की थी और पारिवारिक जिम्मेदारियों को संभालते हुए उन्होंने अब दसवीं की परीक्षा में 93 फ़ीसदी अंक हासिल कर लिए हैं.

बता दें, सबरीना खालिक अपनी ससुराल में रहती हैं. इस दौरान इन्हें पति और अपने तीन बच्चों की भी देखभाल करनी होती है. सबरीना खालिक ने बताया पारिवारिक परिस्थितियों की वजह से उनकी शादी कर दी गई थी जिसकी वजह से उनकी पढ़ाई पर विराम लग गया. लेकिन एक बार फिर से उन्होंने पढ़ना शुरू कर दिया और मेहनत की. जिसका उन्हें फल मिल चुका है.

बता दें, सबरीना खालिक की शादी साल 2012 में हुई थी. साल 2012 में पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए इनकी शादी कर दी गई थी, लेकिन पढ़ने का जुनून कम नहीं हुआ. जैसे ही स्थितियां ठीक हुई तो इन्होंने फिर से पढ़ाई जारी कर दी और इस दौरान इनके पति ने भी इनका खूब साथ दिया. उन्होंने आखिरकार दसवीं की परीक्षा में 93.3 प्रतिशत अंक हासिल करके दिखा दिया है कि उम्र सिर्फ एक संख्या होती है. अगर आप कुछ करने का जुनून रखते हैं तो आप कुछ भी हासिल कर सकते हैं. मैंने अपने परिवार को संभालते हुए परीक्षा में सफलता हासिल की है.

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