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अंग्रेजों को घुटने टेकने पर मजबूर करने वाले राजा अर्जुन सिंह का परिवार जूझ रहा है आर्थिक तंगी, 2 वक्त की रोटी को मोहताज है इनका परिवार

आज हमारा देश आजाद है और इस आजादी के पीछे हजारों लोग शहीद हुए हैं. आपको बता दें कि हमारे देश को आजाद करने के पीछे तमाम स्वतंत्रता सेनानियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. हम स्वतंत्रता सेनानियों का नाम तो बड़े गर्व से लेते हैं लेकिन इनके परिवार वालों के बारे में भूल जाते हैं. आज केइस लेख में हम आपको एक ऐसे राजा के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने अंग्रेजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था लेकिन आज उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और दो वक्त की रोटी को मजबूर हैं.

दरअसल, आजादी की लड़ाई बहुत पहले ही शुरू हो गई थी और सन 1857 में पोड़ाहाट के राजा अर्जुन सिंह ने अंग्रेजो को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया गया था. आजादी के पहली स्वतंत्रता लड़ाई में अर्जुन सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उन्होंने अंग्रेजों का डटकर मुकाबला किया था हालांकि अंग्रेजों ने छल का उपयोग करके इन्हें गिरफ्तार करके बनारस जेल भेज दिया था. इतिहास के इतने महान राजा का परिवार आज आर्थिक तंगी के कारण काफी ज्यादा मुश्किलों से गुजर रहा है.

दरअसल, राजा अर्जुन सिंह की 89 वर्षीय पौत्रवधू सुषमा सिंह आज एक गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और यह आर्थिक तंगी से भी जूझ रही हैं. सरकार के तरफ से राजा अर्जुन सिंह के परिवार को किसी भी तरह का कोई आर्थिक मदद नहीं किया गया है. इतना ही नहीं आर्थिक तंगी के वजह से यह लोग काफी समय से बिजली बिल भी नहीं भर पा रहे थे. ऐसे में इनके घर की लाइट भी काट दी गई है. ऐसे में इन्हें अंधेरे कमरे में गुजारा करना पड़ रहा है और तो और इनकी पौत्रवधू के पास इलाज कराने तक के पैसे नहीं थे. हालांकि जब यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगी तो प्रशासन काफी तेजी से हरकत में आया और प्रशासन ने राजा अर्जुन सिंह के परिवार की मदद करने की कोशिश करनी शुरू कर दी है.

फिलहाल राजा अर्जुन सिंह की पौत्रवधू को हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया है और उन्हें एक यूनिट खून चढ़ा दिया गया है और सरकार से स्वतंत्रता सेनानी पेंशन की मांग भी की गई है और तो और अब कई लोग इनके परिवार की आर्थिक मदद करने के लिए आगे भी आ रहे हैं. आपको बता दें कि एक समय में राजा अर्जुन सिंह ने हजारों लाखों लोगों को रोजगार दिया था और उनकी मदद की थी लेकिन आज जब उनका परिवार मुसीबत में आया तो कोई उनका साथ देने नहीं आ रहा था. प्रशासन की लापरवाही की वजह से इनके परिवार को अभी तक काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है लेकिन देखना यह है कि क्या प्रशासन इनकी सुचारू रूप से मदद कर पाता है या नहीं.

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