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वह साइबर हमला जिसका असर आज भी दुनिया में है, आखिर क्यों माना जाता है रेनसमवेयर अटैक को किडनैपिंग से भी खतरनाक

पूरी दुनिया में इस समय डिजिटल युग का समय चल रहा है और हर देश डिजिटली रूप से काफी ज्यादा आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है. डिजिटलाइजेशन से कई तरह के फायदे हैं लेकिन फायदों के साथ-साथ कई सारे नुकसान भी देखने को मिलते हैं. आपको बता दें कि डिजिटलाइजेशन से लोगों की चीजें काफी ज्यादा आसान हो गई हैं.

लेकिन बढ़ते डिजिटलाइजेशन के साथ-साथ खतरा भी काफी तेजी से बढ़ता ही जा रहा है. आपको बता दें कि डिजिटलाइजेशन के बढ़ने के कारण आज चीजें पहले से बहुत ज्यादा आसान हो गई हैं लेकिन कई बार इसका गलत उपयोग भी देखने को मिला है आज तक कई तरह के साइबर हमले हुए हैं लेकिन इन सभी साइबर हमलों में सबसे ज्यादा खतरनाक साइबर हमला रेनसमवेयर अटैक माना जाता है.

क्या है रेनसमवेयर अटैक रेनसमवेयर अटैक एक ऐसा अटैक है जिसके तहत आपके कंप्यूटर में एक वायरस डाली जाती है और यह वायरस आपके फाइलों को इंक्रिप्ट कर देता है और आपकी डाटा को वापस देने के लिए फिरौती की मांग करते हैं. साधारण भाषा में कहें तो यह लोग आपकी डाटा की किडनैपिंग कर लेते हैं और आपकी डाटा को आपको वापस देने के लिए फिरौती की मांग करते हैं. हालांकि, यह गारंटी नहीं होता है कि पैसे देने के बाद यह लोग आपका डाटा वापस करेंगे या नहीं.

आपको बता दें कि रेनसमवेयर अटैक पहली बार सन 1989 में हुआ था और इस अटैक को एड्स रिसर्चर जोसेफ ने करवाई थी. इस अटैक में आपके कंप्यूटर में एक वायरस घुस जाता है और आपकी सारी फाइलों को इंक्रिप्टेड कर देता है और इसके बाद यह लोग आपसे फिरौती की मांग करते हैं और ठीक ऐसा ही जोसफ ने किया था. जोसफ ने डाटा वापस देने के लिए $189 डॉलर की फिरौती की मांग की थी. हालांकि उस दौरान डिजिटलाइजेशन इतनी ज्यादा नहीं थी इसलिए कुछ ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था.

2017 में हुआ था भारत में अटैक: बता दें कि साल 2017 में भारत में भी इसका असर देखने को मिला था. जी आप भारत में हरियाणा राज्य में यह अटैक हुआ था और डाटा को वापस करने के लिए फिरौती की रकम एक करोड़ मांगी गई थी. हालांकि बाद में विभाग ने खुद ही डाटा को रिकवर कर लिया था.

रेनसमवेयर अटैक दुनिया के सबसे खतरनाक साइबर अटैक में से एक माना जाता है और यह अटैक आज भी दुनिया में कहीं ना कहीं हो रहा है. इस अटैक के वजह से काफी ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और काफी ज्यादा नुकसान भी झेलना पड़ता है.

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