India

एक भारतीय के अपमान का बदला है ताज होटल, ऐसे रखी गई थी नीवें

देश और दुनिया का एक मशहूर होटल है जिसको ताज होटल के नाम से जाना जाता है. आज से 119 से पहले इस होटल को बनाया गया था लेकिन जितना मशहूर ये होटल है. उससे कहीं ज्यादा दिलचस्प इस होटल के बनने की इंटरेस्टिंग स्टोरी है. जो इस आर्टिकल में हम डिस्कस करने वाले हैं. बताएंगे कि आखिर कैसे मुंबई के मशहूर ताज होटल की नींव पड़ी थी और कैसे वर्तमान समय में यह देश और दुनिया का मजबूत ब्रांड बनकर विदेशों में भी काम कर रहा है. इस होटल को 1903 में बनाया गया था.

टाटा ग्रुप की वेबसाइट के अनुसार इस होटल की हिस्ट्री के बारे में बात करें तो इस वेबसाइट पर कहा गया है. इस होटल को साल 1903 में बनाया गया था. बात उस समय की है. जब जमशेदजी टाटा एक बिजनेस के सिलसिले में बात करने के लिए ब्रिटेन गए थे. जहां पर उन्हें अपने एक दोस्त के साथ मुलाकात करनी थी.

इसके लिए उनके दोस्त ने ब्रिटेन का एक मशहूर होटल चुनाव किया लेकिन उस होटल में भारतीय लोगों की एंट्री नहीं थी. यह बात जमशेदजी टाटा को बहुत बुरी लगी थी और उन्होंने भारत आकर सोच लिया था कि ऐसा होटल बनाएंगे. जो इस होटल से काफी आलीशान और खूबसूरत हो. यह पूरा वाकया जमशेदजी टाटा के लिए तो दिल तोड़ने वाला था ही साथ ही उन्हें लगा कि यहां भारत का अपमान हो रहा है. इसीलिए उन्होंने तय कर लिया था कि वह आगे चलकर एक मशहूर होटल बनाएंगे.

ब्रिटेन से मुंबई आने के बाद जमशेद जी टाटा ने तय कर लिया था कि वह कुछ ही सालों में उस होटल से भी आलीशान होटल मुंबई में बनाएंगे और उसी दौर में ताज होटल की नींव रखी गई थी. कुछ ही सालों में यह होटल बनकर तैयार हो गया. वर्तमान समय में इस होटल को 100 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन इसकी खूबसूरती और लोकप्रियता आज भी बरकरार बनी हुई है. इस होटल में एक दिन रुकने के लिए किराया हजारों में होता है. साथ ही इस होटल में बड़े-बड़े सेलिब्रिटी रुकते हैं. भले ही उस समय जमशेदजी टाटा को उस होटल से निकाल दिया गया था. लेकिन वर्तमान समय में उनके द्वारा बनाए गए इस होटल में ब्रिटिशर्स आते हैं तो यही रुकते हैं और उनका यह चहेता होटल है.

Back to top button