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साधारण किसान की बेटी ने NEET की परीक्षा में हल किए 161 प्रश्न, अंक मिले जीरो

नीट देश की कठिन परीक्षाओं में शामिल की जाती है. इस परीक्षा की तैयारी स्टूडेंट कई कई साल पहले शुरू कर देते हैं और जब परीक्षा होती है तो वह अपना हंड्रेड परसेंट देते हैं, लेकिन एक ऐसी लड़की है. जिसने दिन-रात तैयारी करके नीट की परीक्षा को दिया था और उसे अपने सिलेक्शन की उम्मीद थी लेकिन जब रिजल्ट आया तो जीरो मार्क्स देखकर लड़की भी हैरान रह गई इसके बाद लड़की अब कोर्ट जा चुकी है और उसने जांच प्रणाली पर सवाल उठाए हैं. मामूली किसान की बेटी ने कहा कि उसका रिजल्ट सही से चेक नहीं किया गया है. इस लड़की का नाम लिपाक्षी पाटीदार है. जिसे ओएमआर शीट पर जीरो अंक मिले हैं.

10 वीं और 12 वीं की परीक्षा में डिस्टिंक्शन हासिल करने वाली लड़की लिपाक्षी पाटीदार को उम्मीद थी कि वह नीट की परीक्षा में सफलता हासिल कर लेंगी लेकिन यह उम्मीद हैरानी में जब तब्दील हो गई तब इनका रिजल्ट आया. इन्होंने देखा इनकी ओएमआर सीट खाली थी और मार्क्स जीरो मिले थे. 7 सितंबर 2022 को इस लड़की ने अपनी ओएमआर शीट देखी थी.

इस लड़की ने कहा कि उसने 200 क्वेश्चन में से 161 क्वेश्चन के आसपास एकदम सही किए थे लेकिन इसके बावजूद उसे इस परीक्षा में 0 अंक मिले हैं. और इस रिजल्ट के साथ ही इनकी नीट क्वालीफाई करने के सपने पर भी विराम लग गया है लेकिन लिपाक्षी पाटीदार ने हार नहीं मानी. यह इसको लेकर कोर्ट में भी पहुंच चुकी हैं.

इस परीक्षा परिणाम को लेकर लिपाक्षी पाटीदार ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और इन्होंने इंदौर के हाई कोर्ट में अपनी याचिका दायर की है. उन्होंने कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है. वह एक मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखती हैं. उनका रिजल्ट इस तरीके चेक से किया गया है. जिसको देखकर वह काफी निराश हैं. उन्होंने कहा वह 1 साल बर्बाद करना नहीं चाहती.

उन्हें न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि उन्हें कोर्ट से न्याय मिलेगा. बता दें, लिपाक्षी पाटीदार के पिता एक किसान हैं. इनका पालन-पोषण एक संयुक्त परिवार में हुआ है. इनके घरवालों का सपना था कि उनकी बेटी डॉक्टर बने क्योंकि उनके घरवालों में से कोई भी डॉक्टर नहीं हैं. ऐसे में जब यह रिजल्ट आया है तो हर कोई निराश हो गया है.

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