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बार-बार मिली असफलता, प्राइवेट नौकरी करने की बना ली प्लानिंग, आखरी प्रयास में बदली किस्मत अब हैं आईपीएस

अक्षत कौशल देश की पुलिस प्रशासनिक सेवा में कार्यरत हैं. बतौर आईपीएस यह देश की सेवा कर रहे हैं. इन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में 55 वी रैंक हासिल की थी और आईपीएस बनने तक का सफर तय किया था, लेकिन अक्षत कौशल का आईपीएस बनने का सफर इतना भी आसान नहीं है. इन्हें एक दो नहीं बल्कि 5 बार असफलताओं का सामना करना पड़ा था. वहीं आखरी प्रयास में उन्होंने महज 17 दिन ही मेहनत की थी जिसका रिजल्ट इन्हें आईपीएस के तौर पर मिला. इस मेहनत के अलावा अक्षत कौशल के कुछ सबक थे. जिनके दम पर यह सफल हुए थे. जिनके बारे में आज हम आपको बताने वाले हैं.

अक्षत कौशल भले ही अब आईपीएस ऑफिसर बन चुके हैं लेकिन इनके पुराने इंटरव्यूज अब भी चर्चा में आते रहते हैं. अक्षत कहते हैं मुझे इस परीक्षा में एक दो बार नहीं बल्कि 5 बार असफलताएं मिली, लेकिन मैंने इन असफलताओं से बहुत कुछ सीखा. जिसमें से पहला सबक है कि हम गलती कर देते हैं. हमको यह सब्जेक्ट आता है लेकिन एग्जाम के समय पर हमारा वही सब्जेक्ट गड़बड़ कर जाता है. इसलिए हमें किसी भी सब्जेक्ट को कम तवज्जो नहीं देनी चाहिए. इस वजह से मेरे कई पेपर क्वालीफाई नहीं हो पाए थे. तैयारी करते वक्त आपके जेहन में यह सबक जरूर रहना चाहिए.

अक्षत कौशल बताते हैं हमें पढ़ाई के दौरान थोड़ी भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और सभी सब्जेक्ट को बराबर समय देना चाहिए. अगर हम किसी सब्जेक्ट पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं तो वही सब्जेक्ट हमारी मार्कशीट को खराब कर सकता है. इसीलिए हमें बेहद सख्त रणनीति के साथ पढ़ाई करनी चाहिए.

तीसरा सबक अक्षत कौशल दोस्ती यारी से जुड़ा देते हैं. यह कहते हैं हमें एक ऐसे ग्रुप का निर्माण करना चाहिए जिसमें सभी अच्छे अच्छे लोग हैं. जब हम मुश्किल परिस्थिति में हो तो वह हमें सही रास्ता दिखा सकें. एक समय मैं प्राइवेट नौकरी की तरफ जाने वाला था, लेकिन दोस्तों के कहने पर रुक गया और उन्हीं की बदौलत अब मैं आईपीएस हूं.

अक्षत कहते हैं हमारे अंदर कॉन्फिडेंस है अच्छी बात है लेकिन ओवर कॉन्फिडेंस हमें ले डूबता है. मेरे साथ ऐसा साल 2016 में हुआ था. मुझे लगता था मेरी राइटिंग स्किल्स कमाल की है और मेरी स्पीड भी ठीक है लेकिन जब रिजल्ट आया तो मैं खुद हैरान रह गया, क्योंकि मेरा कॉन्फिडेंस सेल्फ कॉन्फिडेंस में बदल गया था और इस परीक्षा में मुझे असफलता हाथ लगी थी.

अगर आप यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं तो अक्षत कौशल का पांचवां और आखिरी सबक भी जानना बेहद जरूरी है. यह बताते हैं हमें पढ़ाई करते वक्त कभी भी कांसेप्ट को अधूरा छोड़ने की आदत को खत्म करना होगा. मैंने अपनी गलतियों से सीखा. गलतियां सुधारना ही सफलता के निशानी होता है. मैंने साल 2017 में तमाम गलतियां सुधारने के बाद इस परीक्षा को पास किया था.

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