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पिता है ऑटो ड्राइवर, मां करती है दूसरों को खेतों में मजदूरी, बेटी बनने जा रही है गांव की पहली डॉक्टर

कहते हैं सफलता का स्वाद तो हर कोई चखना चाहता है लेकिन इसके लिए तपना कोई नहीं चाहता है, लेकिन आज के इस लेख में हम आपको एक ऐसे लड़की से मिलाने वाले हैं जिसने सफलता के लिए काफी ज्यादा मेहनत की है और अपने मेहनत के दम पर आज एक नया मुकाम हासिल कर चुकी है. जी हां हम जिस लड़की की बात कर रहे हैं वह राजस्थान की झालावाड़ की रहने वाली है और इस लड़की का नाम नाजिया है. नादिया ने हाल ही में नीट की परीक्षा में उत्तीर्ण किया है और यह अपने गांव की पहली डॉक्टर बनने जा रही है लेकिन नीट की परीक्षा में उत्तीर्ण करना नाजिया के लिए आसान बात नहीं थी.

पिता चलाते हैं ऑटो, मां करती हैं मजदूरी: दरअसल, नाजिया बहुत ही गरीब परिवार से तालुकात रखती है. इसके पिता एक ऑटो चालक हैं तो वही मां दूसरों के खेतों में मजदूरी करती हैं लेकिन नाजिया ने कभी हिम्मत नहीं हारी और हमेशा अपने पढ़ाई पर फोकस किया. इतना ही नहीं नाजिया की जर्नी इतनी आसान नहीं थी.

दरअसल नाजिया के परिवार के अन्य सदस्य इसके पढ़ने से ज्यादा खुश नहीं थे लेकिन नाजिया के पिता को इसके ऊपर पूरा भरोसा था. नाजिया शुरू से ही पढ़ने में काफी तेज थी. नाजिया ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा में 90% से ज्यादा का अंक हासिल किया था और इसके वजह से सरकार ने नाजिया को स्कॉलरशिप भी प्रदान की थी जिसके बाद नाजिया ने कोटा में रहकर नीट की तैयारी शुरू कर दी.

चौथे प्रयास में मिली सफलता:

नाजिया कोटा तो चली गई लेकिन नाजिया को पहले दूसरे और तीसरे प्रयास में सफलता नहीं मिला जिसके बाद नाजिया का उम्मीद टूटने लगा था. तभी नाजिया के कोचिंग वालों ने नाजिया की मदद की और नाजिया की 75% फीस माफ कर दी जिसके बाद नाजिया एक बार फिर से मोटिवेट हुई और उसने अपनी तैयारी अच्छे से करनी शुरू कर दी और चौथे प्रयास में नाजिया ने नीट की परीक्षा पास कर ली. जी हां साल 2021 नीट की परीक्षा में नाजिया ने 668वीं अंक लाकर अपने माता-पिता का नाम रोशन कर दिया.

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