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दिवाली पर लगने वाला सूर्य ग्रहण इस राशि के लोगों को धनवान बना देगा, वहीं इस राशि के लोगों को विशेष ध्यान देना होगा…

जैसा कि आने वाले दिनों में आने वाले दो ग्रहणों (सूर्य ग्रहण राशिफल 2022) के संदर्भ में देखा जा सकता है, रूस-यूक्रेन युद्ध अपने चरम पर पहुंच रहा है और कोई वापसी नहीं हुई है और दुनिया के लिए खतरा धीरे-धीरे तेज होता जा रहा है। आने वाला ग्रहण (Diwali Surya grahan 2022) और गचर भ्रम विश्व के नेताओं को संकेत दे रहा है कि अगर जल्द ही इस मुद्दे का समाधान नहीं किया गया तो यह युद्ध और भी घातक हो जाएगा। महाभारत के धर्मयुद्धों, महायुध से सम्राट अशोक से लेकर वर्तमान विश्व युद्ध तक की निरंतरता को देखें तो समझ में आ जाएगा कि युद्ध के समान मानव जाति का कोई दूसरा शत्रु नहीं है।

मैं यहाँ पहले भी शनि महाराज मंगल के षडाष्टक में आने और ग्रहण के बारे में लिख चुका हूँ। साथ ही मंगल की अष्टम दृष्टि मकर राशि पर आएगी, मकर राशि आजीविका की राशि है, वहां आजीविका यानि करियर की समस्याएं बढ़ जाएंगी, कुछ कंपनियों या फर्मों को असफल होते देखा जाएगा।

इस बीच शुक्र महाराज नकारात्मक चल रहे हैं जो कुछ भावनात्मक रिश्तों में खटास ला रहे हैं, लेकिन 18 अक्टूबर से शुक्र तुला राशि में स्वगृही होंगे जो संबंधों के लिए एक नया अध्याय खोलेगा।

इस वर्ष दिवाली का दूसरा दिन 25 अक्टूबर 2022 को पड़ रहा है, जो तुला राशि और स्वाति नक्षत्र में होने जा रहा है। यह चंद्रग्रहण भारत में भी दिखाई देने वाला है, इसलिए ध्यान दें कि विक्रम संवत 2079 कार्तिक सूद पूनम मंगलवार 08/11/2022 को मेष राशि में अग्नि तत्व में और खगरा चंद्र ग्रहण भरणी नक्षत्र में होने वाला है।

अगले कुछ दिनों में खगरा चंद्र ग्रहण विशेष रूप से दीवाली और फिर कार्तिकी पूनम पर पड़ने वाला कई क्षेत्रों में आमूलचूल परिवर्तन लाएगा और इस दौरान युद्ध का उन्माद बढ़ता दिखाई देगा। तुला और मेष राशि में सूर्य और चंद्र ग्रहण लग रहे हैं। तुला सार्वजनिक जीवन और वैवाहिक जीवन की निशानी है। इसमें ग्रहण के कारण कई मशहूर हस्तियों के वैवाहिक जीवन पर चर्चा की जाएगी, जिन्हें सार्वजनिक जीवन में अग्रणी कहा जा सकता है और इस दौरान अच्छे जोड़े टूट सकते हैं या टूट सकते हैं।

प्राकृतिक मामलों पर ग्रहण का व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा और कहीं-कहीं आपदाएं भी आएंगी और इस दौरान ऊर्जा संकट का भी सामना करना पड़ेगा हालांकि दुनिया की अधिकतर सरकारें ऊर्जा के एक नए स्तोत्र की ओर बढ़ती नजर आएंगी। अगला विक्रम संवंत।इस दौरान विश्व समुदाय उथल-पुथल की स्थिति से गुजरते हुए नजर आएगा और कई देशों के नागरिक बड़ी संख्या में दूसरे देशों में जाते नजर आएंगे।

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