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IIM अहमदाबाद से MBA करने के बाद बेचने लगा सब्जी, कभी ₹22 से शुरू हुआ था सफर आज है करोड़ों में टर्नओवर

हमारे स्कूल में टीचर अक्सर कहते हैं कि बेटा मन से पढ़ लीजिए नहीं तो आप सब्जी बेचेंगे लेकिन क्या हो जब कोई सब्जी बेच के करोड़ों रुपए कमाने लगे. आज हम आपको बिहार के एक ऐसे लड़के से मिलाने वाले हैं जो पढ़ने में काफी तेज था और IIM से MBA करने के बावजूद भी उसने नौकरी ना करने का फैसला करके सब्जी बेचने का फैसला किया. पहले दिन उसने कुल ₹22 की सब्जी बेची और आज करोड़ों रुपया सब्जी बेचकर कमा रहा है. आखिर कौन है यह शख्स और कैसे सब्जी के माध्यम से करोड़ों रुपए कमाता हैं आगे आपको इस लेख के जरिए बताने वाले हैं.

दरअसल, हम जिस शख्स की बात कर रहे हैं वह बिहार के नालंदा जिले के छोटे से गांव मोहम्मदपुर के रहने वाले हैं. इनका नाम कौशलेंद्र है और यह बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज थे. यह बचपन से ही कुछ बड़ा करना चाहते थे यही कारण है कि यह बचपन से काफी ज्यादा पढ़ाई में अपना मन लगाते थे और इसी वजह से यह हमेशा क्लास में अव्वल आते थे.

अपनी स्कूली पढ़ाई करने के बाद से इंडियन कल्चर ऑफ़ एग्रीकल्चर रिसर्च जो की गुजरात में है से इन्होंने एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद इन्होंने आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए की पढ़ाई की. IIM अहमदाबाद से पढ़ाई करने के बाद से लोग लाखों-करोड़ों का पैकेज उठाकर नौकरी करने लगते हैं लेकिन कौशलेंद्र ने यहां से पढ़ाई करने के बाद सब्जी बेचने का फैसला किया.

दरअसल, आईआईएम अहमदाबाद से पढ़ने के बाद जब कौशलेंद्र ने वापस बिहार आकर सब्जी बेचने का फैसला किया तो लोगों ने उनका खूब ज्यादा मजाक उड़ाया. जब कौशलेंद्र वापस पटना आकर सब्जी बेचने लगे तो पहले दिन इन्होंने कुल ₹22 की सब्जी बेची थी जिससे कौशलेंद्र काफी ज्यादा खुश थे लेकिन इनके आस पड़ोस के लोग इन्हें पागल कहने लगे थे क्योंकि आईआईएम अहमदाबाद जैसे कॉलेज से पढ़ने के बाद से कोई सब्जी बेचने का काम क्यों करेगा.

हालांकि, कौशलेंद्र ने इन लोगों की बात कभी नहीं सुनी और यह मेहनत करते गए. इसके बाद इन्होंने अपने भाई को भी इस काम में लगा लिया और फिर जाकर इन्होंने एक कंपनी की शुरुआत की जी हां दरअसल इन्होंने कौशल्या फाउंडेशन नाम से कंपनी की शुरुआत की और इसके जरिए कभी पटना में सब्जी बेचने वाले कौशलेंद्र पूरे भारत में सब्जी बेचने लगे. बता दें साल 2016 में इस कंपनी का टर्नओवर कुल 5 करोड़ था. आज उनकी कंपनी और भी ज्यादा ग्रोथ कर गई है और आज यह काफी लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं और किसानों की काफी ज्यादा मदद भी कर रहे हैं.

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