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10वीं के छात्र ने कोरोना महामारी के दौरान शुरू की स्ट्रॉबेरी की खेती, आज जमकर कर रहा है कमाई

हमारा देश भारत एक कृषि प्रधान देश है लेकिन फ़िलहाल के सिनेरियो की बात करें तो लोग कृषि से दूर भागने का प्रयास कर रहे हैं. लोगों का मानना है कि कृषि में बिल्कुल भी फायदा नहीं है और यही कारण है कि लोग कृषि से दूरी बनाते जा रहे हैं लेकिन ऐसे लोगों को बिहार के बेगूसराय के रहने वाले हैं कक्षा 10वीं में पढ़ने वाले एकलव्य कौशिक से मिलना चाहिए. दरअसल, एकलव्य कौशिक ने मात्र ₹2700 खर्च करके लगभग 1000 स्ट्रॉबेरी के पेड़ लगाए थे और आज यह इनकी मदद से खूब सारा पैसा कमा रहे हैं.

बिहार के बेगूसराय के रहने वाले एकलव्य कौशिक ने कोरोना महामारी के दौरान स्ट्रॉबेरी की खेती करने के बारे में फैसला किया और इसके बाद इन्होंने ₹270प की लागत से स्ट्रॉबेरी के कुल 1000 पौधे लगा दिया और अब एकलव्य कौशिक इन पौधों की मदद से ढेर सारा पैसे कमा रहे हैं. आपको बता दें कि जब कोरोना महामारी के दौरान एकलव्य ने स्ट्रॉबेरी की खेती करने के बारे में फैसला किया तो लोग इनका मजाक उड़ाते थे क्योंकि स्ट्रॉबेरी की खेती ठंडे इलाकों में होती हैं हालांकि एकलव्य ने लोगों की बातों पर ध्यान ना दे कर स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए मौसम को अनुकूल बनाने के बारे में रिसर्च करना शुरू किया और फिर उन्होंने रिसर्च करने के बाद से इसको करने का फैसला कर लिया.

एकलव्य कौशिक स्ट्रॉबेरी की खेती करना चाहते थे जो बिना परिवार के सपोर्ट से संभव नहीं था. ऐसे में इनके परिवार वालों ने इनका पूर्ण समर्थन किया और तो और इसमें सबसे ज्यादा समर्थन इनके फूफा जी का रहा जो कि जूलॉजी के प्रोफेसर हैं. उन्होंने एकलव्य की खूब ज्यादा मदद की और एकलव्य ने इस बीच यूट्यूब का भी बहुत ज्यादा सहारा लिया और आखिरकार अंततः एकलव्य ने स्ट्रॉबेरी के 1000 पौधे हिमाचल प्रदेश से मंगवाए और उन पौधों को मंगाने के बाद से उन्होंने अपने खेत में पौधे लगाने शुरू किए और समय-समय पर सिंचाई तथा देखभाल करते रहें.

फिलहाल एकलव्य कौशिक इन 1000 पौधों की मदद से 60,000 से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं. एकलव्य कौशिक का कहना है कि जो लोग पहले इनका मजाक उड़ाते थे आज वही लोग इनकी तारीफ करते हैं और एकलव्य स्ट्रॉबेरी की खेती को और भी ज्यादा बढ़ाना चाहते हैं. एकलव्य का कहना है कि वह और भी ज्यादा मात्रा में इसकी खेती करने की प्लानिंग कर रहे हैं.

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